परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए आज़माएं ये उपाय

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03 Jan
2020

अक्सर देखा गया है कि कुछ मां बाप अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर कुछ ज्यादा ही चिंचित रहते हैं। उनकी यह चिंता बच्चों को चिंता में डाल देती है। बच्चा अगर रात दिन मेहनत करे लेकिन फिर भी अच्छे अंक न आएं तो मां बाप को लगता है कि उनका बच्चा ठीक से पढ़ाई नहीं कर रहा है! अगर बच्चा पढ़ाई में ध्यान न लगा पाए तो उसे डांटते हैं। सज़ा देते हैं। उसे कोसते हैं। लेकिन उसकी दिक्कत समझने की कोशिश नहीं करते! ज़रूरी नहीं कि हमेशा आपके बच्चे में कमी हो। हो सकता है उसकी दिक्कत कुछ और हो!

अगर आपका बच्चा ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहा, पढ़ा हुआ भूल जाता है, रात दिन पढ़ाई करने के बावजूद भी अच्छे अंक नहीं ला पा रहा तो इसका अर्थ है कि आपके बच्चे को स्कूल और कॉलेज की किताबों के अलावा एक और किताब की ज़रूरत है। 19वीं शताब्दी की इस किताब को लाल किताब कहते हैं। इस किताब में वित्त, स्वास्थ्य, विवाह, प्रेम, व्यवसाय के साथ-साथ शिक्षा और करियर संबंधी समस्याओं के भी समाधान मौजूद हैं। हर मां बाप को चाहिए कि वह इस किताब को खरीदे और अपने बच्चों के लिए पढ़े।

यहां हम आपको बच्चों की शिक्षा को लेकर लाल किताब के कुछ उपाए बता रहे हैं…

  • बच्चे को ध्यान लगाने में दिक्कत हो तो: अगर आपका बच्चा पढ़ाई करते वक्त ध्यान नहीं लगा पाता। उसका मन इधर उधर भटकता है तो उसके पढ़ने के कमरे में हरे रंग के पर्दे लगाएं। हरा रंग प्रगति, नवीनता, ताज़गी और समृद्धि का प्रतीक है। कमरे में इस रंग के पर्दे लगाने से उसका मन बाहर की ओर नहीं भटकेगा और एकाग्रता से पढ़ाई करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा बच्चे को गले में तांबे का लॉकेट पहनने को कहें।
  • मां सरस्वती की आराधना करें: अपने बच्चे को रोज़ मां सरस्वती की आराधना और बीज मंत्र का जाप करने को कहें। बच्चे को प्रत्येक दिन 21 दफा इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • पीपल के वृक्ष की पूजा: गुरुवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करें और उसे पांच अलग-अलग प्रकार की मिठाईयां और दो हरी इलायची अर्पित करें। ऐसा लगातार 3 गुरुवार को करें।
  • यादाश्त तेज़ करने के लिए: यादाश्त कमज़ोर होने के कारण कई दफा बच्चे पढ़ा हुआ भी भूल जाते हैं। इसके लिए आप अपने बच्चे को हर रोज़ नाश्ते के बाद तुलसी के जूस में शहद मिलाकर दें। इससे आपके बच्चे की स्मरण शक्ति मज़बूत होगी और वह पढ़ा हुआ भूलेगा नहीं।
  • गरीब बच्चों को दान करें: यदि आप दान करते हैं तो उससे आपका भला होता है। परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए गरीब बच्चों को लाल चीज़ें दान करें। अगर किसी गरीब बच्चे की पढ़ाई का खर्च उठा सकें तो यह और भी बढ़िया रहेगा।
  • गायत्री मंत्र का जाप करें: अपने बच्चे को रोज़ाना 21 बार गायत्री मंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्) का जाप करने को कहें। इससे बच्चे को एकाग्रता से पढाई करने में मदद मिलेगी और उसकी स्मरण शक्ति मजबूत होगी।
  • सूर्यदेव को प्रसन्न करें: सूर्यदेव को तांबे के बर्तन में रोली, चीनी और गुलाब की पंखुड़ियां अर्पित करें। इससे बच्चे की एकाग्र शक्ति में वृद्धि होगी।
  • बिना नमक का भोजन करें: प्रत्येक रविवार बिना नमक का भोजन करें। इसके साथ ही मंदिर में दो माचिस की डिबियां भी दान करें।
  • श्रीगणेश की पूजा करें: बच्चे को कहें की वह भगवान गणेश की आराधना करे। इसके लिए मंदिर जाकर श्रीगणेश की पूजा करें और उन्हें हरे वस्त्र में थोड़ी सी मूंग दाल, ध्रुव और कुछ हरी इलायची डालकर अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान गणेश प्रसन्न होंगे और बच्चे को सद्बुद्धि प्रदान करेंगै।
  • बुद्ध ग्रह की स्थिति: बुद्ध ग्रह बुद्धि का कारक ग्रह है। अगर बच्चे की कुंडली में बुद्ध की स्थिति शुभ नहीं है तो उसके शिक्षा और करियर में अनेक बाधाएं आएंगी। अगर आपका बच्चा ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहा तो किसी अच्छे ज्योतिषी से उसकी जन्म कुंडली दिखाएं।

लाल किताब के वास्तु उपाय

बच्चे के कमरे को इस तरह व्यवस्थित करें कि पढ़ाई का माहौल बने। इसके लिए लाल किताब में अनेक उपाय दिए गए हैं:

  • बच्चे के कमरे में उसका बिस्तर दक्षिण- पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए जिससे कि सोते समय बच्चे का सिर पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर हो।
  • बच्चे के कमरे में फर्नीचर दीवार से सटाकर न रखें। ध्यान रहे कि वह दीवार से कुछ इंच की दूरी पर हो। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित नहीं होगा।
  • बच्चे के स्टडी टेबल को कुछ इस तरह रखें कि पढ़ते समय उसका मुख पूर्व, उत्तर या उत्तर पूर्व दिशा की ओर हो।
  • दीवार पर मां सरस्वती की तस्वीर या कमरे में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
  • बच्चे में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए कमरे में कोई अनावश्यक वस्तु न रखें, जैसे कि दीवार पर लटकने वाले सजावटी सामान, फर्नीचर, खेल के उपकरण आदि।

परीक्षा में सफलता के लिए सरस्वती मंत्र

पढ़ाई में ध्यान लगाने और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए आपको रोज़ाना कुछ मंत्रों का जाप करना चाहिए। परीक्षा में सफल होने के लिए आप इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं:

    • बीज मंत्र: बीज मंत्र का जाप मां सरस्वति की आराधना के लिए किया जाता है: ॐ ऎं सरस्वत्यै ऎं नमःll
    • स्मरण शक्ति मज़बूत करने के लिए: इस मंत्र का जाप उन बच्चों को करना चाहिए जो बहुत मेहनत करने के बावजूद परीक्षा में बेहतर परिणाम हासिल नहीं कर पाते। इस मंत्र का जाप करने से आपकी स्मरण शक्ति मज़बूत होगी और आपको पढ़ा हुआ याद रहेगा।

सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि ।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥

    • परीक्षा में अंच्छे अंक प्राप्त करने के लिए: परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करके अगर टॉप करना चाहते हैं तो इस मंत्र का जाप करें:

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः ll

    • घबराहट दूर करने के लिए: कई बार घबराहट के कारण बच्चे परीक्षा में अच्छा नहीं कर पाते। मां सरस्वती के इस मंत्र का जाप करने से आपका सारा डर दूर हो जाएगा:

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वीणा पुस्तक धारिणीम् मम् भय निवारय निवारय अभयम् देहि देहि स्वाहा।

इस तरह करें मंत्रों का जाप

सबसे पहले मां सरस्वती की आराधना करें। मां सरस्वती की आराधना करते समय बीज मंत्र का जाप करें। उसके बाद ऐच्छिक परिणाम हेतु अन्य मंत्रों का जाप करें। प्रत्येक मंत्र का 108 बार जाप करें। ध्यान रहे आपको स्फटिक या रूद्राक्ष माला के साथ ही इन मंत्रों का जाप करना है।

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